पानी में मगरमच्छ हैं, लेकिन ऐसे ही जाना होता है स्कूल

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नीमच/इंदौर. गांव ढाणी। चारों तरफ गांधीसागर डेम के पानी से घिरा हुआ। गांव तक आने-जाने के रास्ते पर तीन फीट से ज्यादा पानी है। कोई बच्चे को उठाकर स्कूल ले जा रहा है तो महिलाएं खेतों में जाने के लिए संभल कर निकल रही हैं। कोई बीमार हो जाए तो भी इसी में से निकलकर जाना है।
ग्रामीणों का मानना है यहां मगरमच्छ भी हैं पर क्या करें मजबूरी है यहां से निकलना। स्कूल जाते हुए बच्चे कहते हैं कि मगरमच्छ से डर तो लगता है पर क्या करें स्कूल तो जाना ही है। चुनाव के बाद न तो सांसद और न ही विधायक ने कभी इस गांव की ओर देखा।

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