* महाधर्माध्यक्ष डॉ सेबास्टियन वडक्केल ने दिया प्रभु ईसा के जन्म पर विशेष संदेश* 

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*प्रभु ईसा के जन्म पर विशेष संदेश*

उज्जैन, क्रिसमस का त्योहार हमें प्रभु ईसा के जन्म का स्मरण कराता है जो आशा, प्रेम और शांति के स्रोत हैं’, देवास रोड स्थित कैथेलिक चर्च के महाधर्माध्यक्ष आदरणीय डाॅ सबास्टियन वडक्केल जी ने क्रिसमस के अवसर पर कैथेलिक चर्च के प्रांगण में आयोजित, क्रिसमस सम्मेलन के अपने परंपरागत संदेश में प्रभु ईसा द्वारा प्रदत्त प्रेम, मानवीयता और भाईचारे के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा। ‘राग द्वेष के स्थान पर प्रेम, हथियार के स्थान पर संवाद, विभाजन के स्थान पर एकता, हिंसा के स्थान पर क्षमा यही आज के समय की माँग है’, उन्होंने कहा।

क्रिसमस के पर्व पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए महाधर्माध्यक्ष डाॅ सेबास्टीयन वडक्केल जी ने समस्त शहरवासियों को प्रभु ईसा के जन्म की बधाइयाँ और शुभकामनाएँ प्रेषित कीं। उन्होंने कहा कि हमारी धार्मिक नगरी उज्जैन का सौहार्द और सद्भाव अनुकरणीय है और आदर्श है, जिसमें सहिष्णुता और भाईचारा परिलक्षित होता है। ‘आज के बढ़ते असहिष्णुता के दौर में ईश्वर से, स्वयं से और शत्रुओं से मेल मिलाप कर, विभाजन की दीवारों को गिरा देना ही मूल मंत्र है। इसी के द्वारा ही हम जीवन की पूर्णता तक पहुँचेंगे। और जीवन की पूर्णता देने ही प्रभु ईसा भी आए थे’।

महाधर्माध्यक्ष वडक्केल जी ने बताया कि उज्जैन आर्चडायसिस जीवन की पूर्णता को प्रत्येक वर्ग विशेषकर गरीबों, शोषितों और समाज के हाशिए पर खड़े लोगों तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। और इसके लिए विभिन्न स्वास्थ्य, सामाजिक, शैक्षणिक संस्थाएँ कार्यरत हैं।

इस अवसर पर आदरणीय महाधर्माध्यक्ष जी ने विशेष रूप से बच्चों और वृद्धों के लिए प्रार्थना की और समस्त लोगों के कल्याण और समृद्धि की कामना की। ‘सभी शहरवासियों को प्रेम और करूणा के त्यौहार की हार्दिक शुभकामनाएँ’, उन्होंने कहा।

क्रिसमस पर आयोजित विशेष पूजा और कार्यक्रमों के बारे में बताते हुए कैथेलिक चर्च के जनसंपर्क अधिकारी आदरणीय फादर जोस पुल्लाट ने बताया कि दिसंबर 24 को रात में 11.30 बजे और दिसंबर 25 को सुबह 8.30 बजे विशेष पूजा आयोजित की जाएगी। दिसंबर 25 को शाम 6 बजे चर्च प्रागंण में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएँगे।


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