*संपादकीय “उपेक्षा की अपेक्षा नहीं थी”, एक पत्रकार का चिंतन पत्रकार आखिर कौन ?, शहरों को स्मार्ट सिटी बनाते बनाते अधिकारी,जनप्रतिनिधि सभी जरूरत से ज्यादा स्मार्ट हो गए,सब अपनी मर्जी के मालिक हो चले हैं,जहां इनकी जो मर्जी है वह किया जा रहा है,जनता के भविष्य ,और उनकी रायशुमारी का कोई महत्व है ना ही […]
