लोकतंत्र का पतन अब निश्चित,धंधा है पर गंदा है यह”

लोकतंत्र का पतन अब निश्चित जब मां अपने बच्चे का गला घोंटने लगे, उस बच्चे की मृत्यु निश्चित उज्जैन, आपने वह कहावत सुनी होगी की जब किसी खेत को बाड़ ही खा जाए तो उस खेत की फसल का नष्ट होना निश्चित हो जाता है, यह कहावत आज के लोकतंत्र पर बिल्कुल सटीक बैठ रही […]