श्वान नहीं सिंह बनो, पत्रकार होकर पत्रकार से मत लड़ो

*एच एन टी* आज मन बहुत पीड़ित दुखी और व्यथित भी है, पर क्या करें अब मजबूरी भी है,सभी चुपचाप मौन होकर जो देख रहे हैं,कोई भी पत्रकारों की इस अपमानजनक होती स्तिथि पर कुछ भी बोलने कहने ओर लिखने को तैयार नहीं… आखिर क्यों ? पत्रकार आपस में ही लड़े जा रहे है और […]