उज्जैन के वरिष्ठ पत्रकारों ने अतिथि देवो भव की परंपरा को दी प्राथमिकता एक पत्रकार की वैचारिक क्षमता कितनी परिपक्व होती है इसका उदाहरण उज्जैन के वरिष्ठ पत्रकारों ने प्रस्तुत किया , अतिथि देवो भव अर्थात ,अतिथि देवता के समान होता है और अतिथि का सम्मान करना उज्जैन की ही नहीं बल्कि पूरे भारत की […]
