संपादकीय शासन एवम प्रशासन के नुमाइंदों की कार्यशैली ,लोकतंत्र को तानाशाही की ओर धकेल रही है, ओर इसका शिकार मीडिया को बनाया जा रहा है, लेकिन मीडिया की आवाज को बलपूर्वक दबाना या सरेबाजार उसका अपमान करने से उसके अस्तित्व को धूमिल करना संभव नहीं है, मीडिया आज स्पष्ट शब्दों में लोकतंत्र के सभी […]
