परिवर्तित हो रही है जनता के मन में, जनप्रतिनिधि की परिभाषा…

करोड़ों अरबों खर्च करके जनता अपने क्षेत्र के विकास के लिए ,जनता के रोजगार के लिए, बच्चों की शिक्षा एवं स्वास्थ्य के लिए, अपना जनप्रतिनिधि चुनकर लोकतंत्र का निर्माण करते हैं लेकिन उस लोकतंत्र के मंदिर में पहुंचकर जनप्रतिनिधि अपने फर्ज को दरकिनार करते हुए अपने कर्तव्य को भूलकर खुदगर्जी का चोला ओढ़कर व्यक्तिगत स्वार्थ […]