बाबूमोशाय..जिंदगी और मौत ऊपरवाले के हाथ है. उसे ना तो आप बदल सकते हैं नाम मैं, हम सब तो रंगमंच की कठपुतलियां हैं जिसकी डोर ऊपरवाले के हाथ में बंधी है ,एक यह सत्य है तो एक सत्य यह भी की हैैै हमारी जिंदगी जितनी हमारे लिए कीमती हैै उससेेे कई गुना अधिक यह हमारे […]
