चुनावी गीली लकड़ी में चिंगारी पड़ गई है प्यारे, आग नहीं धुआं फैला है, इसमें ना भटकना तू प्यारे, धुआं फैलाकर जनता से छद्म युद्ध की हो रही है तैयारी, संभल के रहना लक्ष्य से ना डिगना ,धुंध छटेगी होगा सवेरा थोड़ी हिम्मत रखना तू प्यारे, तनिक छलावे, बहकावे से मत बहक […]
