” ये हे प्रेम की परिभाषा”

आजकल की भागदौड़ की जिंदगी में हम इतने व्यस्त हो गए हैं की इंसानों का इंसान से प्रेम एक औपचारिकता रह गया है ऐसे में अगर कोई वानर से इतना प्रेम करता है तो इसको एक अचंभा ही कहेंगे और हो भी क्यों ना इंसानों का वानर से नाता भी बहुत गहरा है जब किसी […]