राजनैतिक विफलता का परिणाम है, “नोटा”

आजादी के 64 साल बाद 2013 मैं उच्चतम न्यायालय की अनुमति के चलते नोटा का उपयोग चुनाव प्रक्रिया में होने लगा  ,”नोटा ” जिसका अर्थ है चुनाव प्रक्रिया में राजनीतिक दलों के द्वारा खड़े किए प्रत्याशियों मैं से कोई भी प्रत्याशी जनता की पसंद का ना होना ,जिसके चलते वह नोटा का बटन वोट डालने […]

#She too + #He too = # Me Too

भारत में 21 वी सदी में पश्चिमी सभ्यता सिर चढ़कर बोल रही है जहां एक और फिल्मी दुनिया में पश्चिमी सभ्यता गले गले तक समा जाने के चलते भारतीय संस्कृति को ताक पर रखकर ,फिल्मों में, गानों में खुलेआम अश्लीलता परोसी जा रही है ,उस समय ना हीरो, ना हीरोइन ,ना डायरेक्टर ,ना सेंसर बोर्ड […]

शीर्ष नेतृत्व का सख़्त होना, अच्छे भविष्य की निशानी

अटल बिहारी वाजपेयी, एक ऐसा नाम जिसने ना सिर्फ सख्त विपक्षी नेता के रूप में अपनी साख छोड़ी बल्कि एक कुशल एवं दबंग प्रधानमंत्री के रूप में ,अमेरिका के घोर विरोध के बावजूद पोखरण का परमाणु परीक्षण कर दुनिया को भारत का लोहा मानने पर मजबूर कर दिया, और अपने बहुत छोटे प्रधानमंत्री के रूप […]

फिर एक टोपी हुई तय्यार

भ्रष्टाचार ,अधिकार ,महंगाई ,कानून इन सब के चलते जनता के सरकार से मतभेद हो सकते हैं, मांगे हो सकती है ,और सरकार तक अपनी बात पहुचाने के, हड़ताल ,अनशन एवं न्यायालय जैसे कई तरीके हो सकते हैं । ऐसा ही एक उदाहरण ,भ्रष्टाचार पर रोक लगे इसके लिए लोकपाल बिल लाने की मांग को लेकर […]

अति सर्वत्र वर्जयेत

ऐसा कहा जाता है कि अति हर चीज की बुरी होती है, 2014 में मोदी सरकार के आते ही उसका सामना  महंगाई से हुआ और उस दौर में महंगाई में प्रमुख भूमिका दालें ,सब्जियां थीं,जिस पर कुछ समय बाद मोदी सरकार लगाम लगाने में सफल रही ,लेकिन जब महंगाई की बात हो रही है तो […]

लाल का सपना अधूरा

भारत के सही मायने में लाल एवं बहादुर ,भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री थे, एक  विशाल एवं सिद्धांत वादी व्यक्तित्व के धनी , जिनकी  सच्चाई और ईमानदारी की कई गाथाएं इतिहास में विद्यमान है ,साथ ही उनके कार्यकाल में भारतीय सेना की विजय गाथा भी स्वर्णिम अक्षरों में सुशोभित है,” जय जवान जय […]

गांधी को किया याद, किंतु गांधीवाद विलुप्त

अहिंसा के पुजारी एवं सिद्धांतों के धनी महात्मा गांधी को आज उनकी 150वीं  जन्म  शताब्दी  पर  याद किया गया, किंतु आधुनिकता की दौड़ एवं  स्वार्थ  सिद्धि के चलते , हम देख रहे हैं कि गांधीवाद विलुप्त हो रहा है, गांधीवाद का प्रथम संदेश “स्वदेशी को अपनाना ” ,जिससे देश के हर नागरिक को रोजगार मिले […]

आस्था पर आघात

ऐसा प्रतीत होता है कि, हिंदुस्तान में हिंदू संस्कृति और धर्म पर प्रतिबंध लगा कर, कुचलने एवं उसे गहरा आघात पहुंचाने की कोशिश की जा रही है, प्रथम पूज्य गजानन को बड़े आदर सत्कार और धूमधाम से स्थापित कर गणेश उत्सव मनाया जाता है लेकिन जब गणेश विसर्जन की बारी आती है,तो जल प्रदूषण का […]

ब्राह्मण ही बना सकता है, हिंदुस्तान को “विश्व गुरु”

भविष्य वक्ताओं ने लिखा है कि कलयुग में भारत विश्व गुरु बनेगा ,जिसकी सत्यता पर किंचित भी संदेह नहीं है ,लेकिन भारत के विश्व गुरु बनने की आकांक्षा को हम ब्राह्मण की उपेक्षा कर साकार नहीं कर सकते, इतिहास गवाह है कि जब जब ब्राम्हणों की उपेक्षा हुई है, इसका परिणाम बताने की आवश्यकता नहीं […]

दोनों हाथों में लड्डू रखने की कोशिश।

मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान के सामने मोदी सरकार द्वारा लाया गया अध्यादेश दिनोंदिन गले की हड्डी बनता जा रहा है ,हालात यह है,कि सीएम हर संभव सवर्णों को मनाने का तरीका ढूंढ रहे हैं, सीएम ने ट्वीट करके संदेश दिया,कि मध्य प्रदेश में सवर्णों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा ,पहले […]