Warning: Cannot modify header information - headers already sent by (output started at /home/nationallive/public_html/wp-blog-header.php:1) in /home/nationallive/public_html/wp-includes/feed-rss2.php on line 8
top news story Archives - Nationalive... https://nationallive.in/?cat=14 Tue, 23 Dec 2025 19:21:28 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.8.3 https://nationallive.in/wp-content/uploads/2023/03/Mice-Logo-2.png top news story Archives - Nationalive... https://nationallive.in/?cat=14 32 32 पुल्कित सम्राट, वरुण शर्मा और शालिनी पांडे ‘राहु केतु’ फिल्म के प्रमोशन के लिए पहुँचे उज्जैन ‘राहु केतु’ का नया गाना ‘किस्मत की चाबी’ हुआ लॉन्च https://nationallive.in/?p=4477 Tue, 23 Dec 2025 19:06:23 +0000 https://nationallive.in/?p=4477 पुल्कित सम्राट, वरुण शर्मा और शालिनी पांडे ‘राहु केतु’ फिल्म के प्रमोशन के लिए पहुँचे उज्जैन ‘राहु केतु’ का नया गाना ‘किस्मत की चाबी’ हुआ लॉन्च उज्जैन, 23 दिसंबर, 2025: दर्शकों के बीच फिल्म ‘राहु केतु’ को लेकर खासा उत्साह है। इसके प्रमोशन के सिलसिले में पुल्कित सम्राट, वरुण शर्मा और शालिनी पांडे उज्जैन पहुँचे। […]

The post पुल्कित सम्राट, वरुण शर्मा और शालिनी पांडे ‘राहु केतु’ फिल्म के प्रमोशन के लिए पहुँचे उज्जैन ‘राहु केतु’ का नया गाना ‘किस्मत की चाबी’ हुआ लॉन्च appeared first on Nationalive....

]]>
पुल्कित सम्राट, वरुण शर्मा और शालिनी पांडे ‘राहु केतु’ फिल्म के प्रमोशन के लिए पहुँचे उज्जैन

‘राहु केतु’ का नया गाना ‘किस्मत की चाबी’ हुआ लॉन्च

उज्जैन, 23 दिसंबर, 2025: दर्शकों के बीच फिल्म ‘राहु केतु’ को लेकर खासा उत्साह है। इसके प्रमोशन के सिलसिले में पुल्कित सम्राट, वरुण शर्मा और शालिनी पांडे उज्जैन पहुँचे। सभी कलाकार मीडिया से रूबरू हुए और फिल्म को लेकर अपने अनुभवों के बारे में सभी ने खुलकर बातचीत की।

उज्जैन में फिल्म का नया गाना ‘किस्मत की चाबी’ भी रिलीज़ किया गया और अब यह सभी प्लेटफॉर्म्स पर धूम मचा रहा है। पॉप स्टार राजा कुमारी और अभिनव शेखर की आवाज़ में और संगीत व बोल भी अभिनव शेखर के हैं। यह ट्रैक जबरदस्त एनर्जी, जोश और दमदार सोशल मैसेज का परफेक्ट कॉम्बिनेशन है, जहाँ संगीत सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि सोच बदलने का जरिया बनता है।

यह गाना मध्य प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव की मौजूदगी में लॉन्च किया गया और सीधे जुड़ता है राज्य के नशा मुक्ति अभियान से, जो समाज, परिवार और युवाओं पर नशे के असर से लड़ने का मिशन है। ‘किस्मत की चाबी’ इस सोच को ताकत देता है कि जागरूकता, सही समय पर कदम और मिलकर जिम्मेदारी निभाने से सच में बदलाव आ सकता है।

पुल्कित सम्राट, वरुण शर्मा और शालिनी पांडे पर फिल्माया गया यह गाना ‘राहु केतु’ की कहानी से एकदम घुल-मिल जाता है और एडिक्शन जैसे गंभीर मुद्दे को भावुक, समझने लायक और रिलेट करने जैसा बनाता है। यह गाना याद दिलाता है कि बदलाव की शुरुआत सोच से होती है और सही सपोर्ट, समझ और हौसला सब कुछ बदल सकता है।

विपुल गर्ग द्वारा निर्देशित और ज़ी स्टूडियोज द्वारा प्रस्तुत ‘राहु केतु’ ज़ी स्टूडियोज और बीलाइव प्रोडक्शंस की फिल्म है, जो किस्मतों की टक्कर, ग्रहों की गड़बड़ी और मस्तीभरे हाहाकार के बीच जबरदस्त एंटरटेनमेंट का वादा करती है। ‘राहु केतु’ 16 जनवरी, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने के लिए तैयार है।

The post पुल्कित सम्राट, वरुण शर्मा और शालिनी पांडे ‘राहु केतु’ फिल्म के प्रमोशन के लिए पहुँचे उज्जैन ‘राहु केतु’ का नया गाना ‘किस्मत की चाबी’ हुआ लॉन्च appeared first on Nationalive....

]]>
* महाधर्माध्यक्ष डॉ सेबास्टियन वडक्केल ने दिया प्रभु ईसा के जन्म पर विशेष संदेश*  https://nationallive.in/?p=4470 Tue, 23 Dec 2025 18:28:14 +0000 https://nationallive.in/?p=4470 *प्रभु ईसा के जन्म पर विशेष संदेश* उज्जैन, क्रिसमस का त्योहार हमें प्रभु ईसा के जन्म का स्मरण कराता है जो आशा, प्रेम और शांति के स्रोत हैं’, देवास रोड स्थित कैथेलिक चर्च के महाधर्माध्यक्ष आदरणीय डाॅ सबास्टियन वडक्केल जी ने क्रिसमस के अवसर पर कैथेलिक चर्च के प्रांगण में आयोजित, क्रिसमस सम्मेलन के अपने […]

The post * महाधर्माध्यक्ष डॉ सेबास्टियन वडक्केल ने दिया प्रभु ईसा के जन्म पर विशेष संदेश*  appeared first on Nationalive....

]]>

*प्रभु ईसा के जन्म पर विशेष संदेश*

उज्जैन, क्रिसमस का त्योहार हमें प्रभु ईसा के जन्म का स्मरण कराता है जो आशा, प्रेम और शांति के स्रोत हैं’, देवास रोड स्थित कैथेलिक चर्च के महाधर्माध्यक्ष आदरणीय डाॅ सबास्टियन वडक्केल जी ने क्रिसमस के अवसर पर कैथेलिक चर्च के प्रांगण में आयोजित, क्रिसमस सम्मेलन के अपने परंपरागत संदेश में प्रभु ईसा द्वारा प्रदत्त प्रेम, मानवीयता और भाईचारे के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा। ‘राग द्वेष के स्थान पर प्रेम, हथियार के स्थान पर संवाद, विभाजन के स्थान पर एकता, हिंसा के स्थान पर क्षमा यही आज के समय की माँग है’, उन्होंने कहा।

क्रिसमस के पर्व पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए महाधर्माध्यक्ष डाॅ सेबास्टीयन वडक्केल जी ने समस्त शहरवासियों को प्रभु ईसा के जन्म की बधाइयाँ और शुभकामनाएँ प्रेषित कीं। उन्होंने कहा कि हमारी धार्मिक नगरी उज्जैन का सौहार्द और सद्भाव अनुकरणीय है और आदर्श है, जिसमें सहिष्णुता और भाईचारा परिलक्षित होता है। ‘आज के बढ़ते असहिष्णुता के दौर में ईश्वर से, स्वयं से और शत्रुओं से मेल मिलाप कर, विभाजन की दीवारों को गिरा देना ही मूल मंत्र है। इसी के द्वारा ही हम जीवन की पूर्णता तक पहुँचेंगे। और जीवन की पूर्णता देने ही प्रभु ईसा भी आए थे’।

महाधर्माध्यक्ष वडक्केल जी ने बताया कि उज्जैन आर्चडायसिस जीवन की पूर्णता को प्रत्येक वर्ग विशेषकर गरीबों, शोषितों और समाज के हाशिए पर खड़े लोगों तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। और इसके लिए विभिन्न स्वास्थ्य, सामाजिक, शैक्षणिक संस्थाएँ कार्यरत हैं।

इस अवसर पर आदरणीय महाधर्माध्यक्ष जी ने विशेष रूप से बच्चों और वृद्धों के लिए प्रार्थना की और समस्त लोगों के कल्याण और समृद्धि की कामना की। ‘सभी शहरवासियों को प्रेम और करूणा के त्यौहार की हार्दिक शुभकामनाएँ’, उन्होंने कहा।

क्रिसमस पर आयोजित विशेष पूजा और कार्यक्रमों के बारे में बताते हुए कैथेलिक चर्च के जनसंपर्क अधिकारी आदरणीय फादर जोस पुल्लाट ने बताया कि दिसंबर 24 को रात में 11.30 बजे और दिसंबर 25 को सुबह 8.30 बजे विशेष पूजा आयोजित की जाएगी। दिसंबर 25 को शाम 6 बजे चर्च प्रागंण में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएँगे।

The post * महाधर्माध्यक्ष डॉ सेबास्टियन वडक्केल ने दिया प्रभु ईसा के जन्म पर विशेष संदेश*  appeared first on Nationalive....

]]>
क्षिप्रा शुद्धिकरण के नाम पर ओर कितना लूटोगे? https://nationallive.in/?p=4402 Fri, 12 Dec 2025 10:14:34 +0000 https://nationallive.in/?p=4402 शिप्रा शुद्धिकरण को लेकर अब तक लगभग 3000 करोड रुपए की योजना,फिर भी शिप्रा शुद्ध नहीं, इन योजनाओं में से 538 करोड़ की दो योजना  लगभग फेल 100 करोड़ की खान डायवर्सन पाइप लाइन योजना के फेल होने के बाद टाटा सीवरेज प्रोजेक्ट 2017 में शुरू हुआ 401 करोड़ से 438 करोड़ का हो गया। […]

The post क्षिप्रा शुद्धिकरण के नाम पर ओर कितना लूटोगे? appeared first on Nationalive....

]]>

शिप्रा शुद्धिकरण को लेकर अब तक लगभग 3000 करोड रुपए की योजना,फिर भी शिप्रा शुद्ध नहीं, इन योजनाओं में से 538 करोड़ की दो योजना  लगभग फेल

100 करोड़ की खान डायवर्सन पाइप लाइन योजना के फेल होने के बाद

टाटा सीवरेज प्रोजेक्ट 2017 में शुरू हुआ 401 करोड़ से 438 करोड़ का हो गया। फिर भी शहर का 100 फीसदी हिस्सा कवर नहीं हो रहा है। अभी 36 वार्ड और 9 वार्ड आंशिक रूप से ही कवर हो पाए हैं, जबकि बचे हुए 9 वार्ड इस प्रोजेक्ट में ही नहीं आ रहे 

540 करोड़ रुपये की एक ओर भूमिगत सीवरेज पाइपलाइन प्रोजेक्ट तैयार हुआ है। प्रोजेक्ट, अमृत मिशन 2.0 अंतर्गत बनाया है, जिसमें शहर के 54 में से शेष 19 वार्डों में 578 किलोमीटर लंबी 200 से 900 मिलीमीटर व्यास की भूमिगत पाइपलाइन बिछाना, प्रदूषित कान्ह नदी के पानी के उपचार के लिए पिपल्याराघौ गांव और उन्हेल चौराहा स्थित साडू माता की बावड़ी के पास सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाना प्रस्तावित 

1600 करोड रुपए की कान्ह डक्ट परियोजना शुरू की गई है

8 साल में 401 करोड़ का प्रोजेक्ट  438 का हुआ , लगभग 40 करोड रुपए से अधिक का अतिरिक्त भार  मध्य प्रदेश की जनता पर पड़ा
40 करोड़ की राजस्व हानी पहुंचाने का जिम्मेदार कौन? उज्जैन नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी या टाटा कंपनी

टाटा कंपनी को टेंडर मिलने पर शहर के ही ठेकेदारों को पेटी कांट्रेक्ट दे दिया गया, संसाधनों की कमी। बड़े काम के लिए मशीनें लाने में ही महीनों लगे,पेटी कांट्रेक्टरों को पेमेंट नहीं मिला, बड़े काम का अनुभव नहीं था, जिससे वह काम छोड़कर चले गए

40 करोड़ की रिकवरी निगम के जिम्मेदार अधिकारियों से होगी या टाटा से?

निगम आयुक्त बने कलेक्टर,कलेक्टर बने संभाग आयुक्त, विधायक बने मुख्यमंत्री बावजूद इसके किसी को नहीं गांठ रहा टाटा

निगम में कुछ चुनिंदा अधिकारी जो करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार से लबरेज़ हैं,न कोई जांच ,न कोई कारवाही,बल्कि उन्हें ही करोड़ों के प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी फिर दी जा रही

2023 में टाटा सीवरेज प्रोजेक्ट की फाइव लाइन लीकेज होने से क्षिप्रा नदी में बाढ़ के रूप में गंदा पानी मिला था ,न जांच न करवाही

ऐसे में सवाल यह है कि क्या क्षिप्रा शुद्धिकरण के करोड़ों के प्रोजेक्ट की लुटिया डुबाने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर सिंहस्थ 2028 के हजारों करोड रुपए के प्रोजेक्ट के समय से ओर गुणवत्ता से  पूर्ण करने पर विश्वास किया जा सकता है?

सवाल यह भी है कि इसकी कोई गारंटी देगा कि शिप्रा शुद्धिकरण के अभी अरबों रुपयों के चलने वाले प्रोजेक्ट विफल नहीं होंगे?

यह वीडियो 2023 में टाटा सीवरेज प्रोजेक्ट की पाइपलाइन फूटने का बंसल न्यूज का है, ईश्वर करे इसकी पुनरावृत्ति फिर न हो, और अगर हो तो जनता इसका खामियाजा भुगतने को तैयार रहे।

The post क्षिप्रा शुद्धिकरण के नाम पर ओर कितना लूटोगे? appeared first on Nationalive....

]]>
हिंदू संस्कृति को धूमिल करने की हो रही है साज़िश…? https://nationallive.in/?p=1338 Thu, 12 Jun 2025 00:10:44 +0000 http://nationallive.in/?p=1338 200 वर्षों से अधिक ,मुगलों ने ,100 वर्षों से अधिक अंग्रेजों ने ,भारत पर राज किया, जिसमें हिंदुस्तान के लोगों पर इतने जुल्म किए गए, जिस पर कई ग्रंथ लिखे जा सकते हैं ,जिसमें हिंदू संस्कृति को मिटाने की पुरजोर कोशिश की गई, लेकिन छत्रपति शिवाजी ,महाराणा सांगा ,महाराणा प्रताप, पृथ्वीराज चौहान जैसे कई महा […]

The post हिंदू संस्कृति को धूमिल करने की हो रही है साज़िश…? appeared first on Nationalive....

]]>
200 वर्षों से अधिक ,मुगलों ने ,100 वर्षों से अधिक अंग्रेजों ने ,भारत पर राज किया, जिसमें हिंदुस्तान के लोगों पर इतने जुल्म किए गए, जिस पर कई ग्रंथ लिखे जा सकते हैं ,जिसमें हिंदू संस्कृति को मिटाने की पुरजोर कोशिश की गई, लेकिन छत्रपति शिवाजी ,महाराणा सांगा ,महाराणा प्रताप, पृथ्वीराज चौहान जैसे कई महा योद्धाओं ने मुगलों से लोहा लेकर हिंदू संस्कृति को खत्म होने से बचाया, वहीं भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद ,रानी लक्ष्मीबाई जैसे देशभक्तों ने अंग्रेजों के साथ दो-दो हाथ किए ।
आजादी के 70 साल के बाद अब एक बार फिर हिंदू संस्कृति को धूमिल एवं बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है ,अनुभव सिन्हा द्वारा आर्टिकल 15 फिल्म बनाई गई जिसमें यह दर्शाने की कोशिश की जा रही है की 70 सालों में ब्राह्मणों ने, जिसका एक रूप राजाओं के गुरु, तो दूसरा जंगलों में आश्रम बनाकर ईश्वर की तपस्या करना ,तो वही एक रूप गरीब ब्राम्हण सुदामा का भी रहा है, लेकिन इस फिल्म के माध्यम से यह दुष्प्रचार फैलाने की कोशिश की जा रही है कि ब्राह्मण जाति की संस्कृति एक क्रूर एवं अत्याचारी रही है ,इस फिल्म के माध्यम से आज हिंदू संस्कृति को धर्म एवं जाति के आधार पर बांटने का प्रयास किया जा रहा है ताकि हिंदुओं में आपस में फूट एवं एक दूसरे के प्रति दुर्भावना फैले और हिंदू संस्कृति छिन्न-भिन्न हो सके, इस फिल्म का मध्य प्रदेश सहित कई प्रदेशों में ब्राह्मण संगठनों द्वारा कड़ा विरोध किया जा रहा है एवं राज्य शासन द्वारा फिल्म को दिखाने पर प्रतिबंध लगाया गया है ।
अभी तक तो आर्टिकल 15 फिल्म के माध्यम से ब्राह्मणों को ही अत्याचारी बताने का प्रयास हो रहा था लेकिन पूर्व विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर के पुत्र प्रयाग अकबर ने नेटफ्लिक्स पर लीला फिल्म का निर्माण किया इस फिल्म में पूरी हिंदू संस्कृति को ही हिंसक एवं अत्याचारी दर्शाने की कोशिश की गई है ,लीला फिल्म के माध्यम से यह दर्शाने की कोशिश की गई है कि हिंदूराष्ट्र वह कल्पना है जहां गैर हिंदू को जीने का कोई हक नहीं है, जहां गैर हिंदुओं के लिए तानाशाही है और हिंदू असहिष्णु है ,दोनों ही फिल्मों का निचोड़ देखा जाए तो स्पष्ट प्रतीत हो रहा है कि हिंदू संस्कृति को धूमिल करने की साजिश हो रही है ,एवम दुनिया को दर्शाया जा रहा है कि हिंदू बाहुल्य भारत में हिंदू या हिंदू संस्कृति दूसरे धर्म एवं जाति के लोगों पर अत्याचार कर रहे हैं, इस तरह की मनगढ़ंत कहानियों पर आधारित फिल्मों का यकायक बनना यह दर्शाता है कि एक बार फिर असहिष्णुता एवं अवार्ड वापसी गैंग फिर सक्रिय दिखाई पड़ रही है, जिनका मुख्य उद्देश्य हिंदू संस्कृति को बदनाम एवं धूमिल करना है ,यह सब तब हो रहा है जब मोदी सरकार एक बार फिर पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने के बाद ,तीन तलाक के माध्यम से मुस्लिम महिलाओं पर हो रहे अत्याचार से निजात दिलाने के लिए तीन तलाक को खत्म करना, सरकार की प्राथमिकता ,एवम सबका साथ सबका विकास की कार्यशैली है।
हिंदू संस्कृति तो “वसुदेव कुटुंबकम” वाली संस्कृति है जिस को धूमिल करने के लिए षडयंत्र रचा जा रहा है ऐसे में सवाल ये उठता है कि हिंदुस्तान के इतिहास की कड़वी सच्चाई जिसमें औरंगजेब, बाबर ,हुमायूं ,महमूद गजनवी, मोहम्मद गोरी जैसे अनेकों मुगल शासक, जिन्होंने हिंदुस्तान में हिंदुओं पर अत्याचार की सारी सीमाएं लांघी थी, क्यों कोई उस अत्याचार को दर्शाने वाली फिल्में बनाने की हिमाकत नहीं करता, क्यों हजारों कश्मीरी पंडितों की हत्या एवं पलायन की विवशता को लेकर फिल्में बनाने की जुर्रत नहीं करता ?दरअसल इस प्रकार की फिल्मों का तथ्यों से कोई लेना देना नहीं होता, बल्कि इनका मूल उद्देश्य भारत की हिंदू संस्कृति को धूमिल एवं बदनाम करना एवं भारत के लोगों को धर्म और जाति के आधार पर बांटकर ,हिंदू संस्कृति को खत्म करना है।
ऐसे में भारत सरकार एवं सेंसर बोर्ड को चाहिए कि इस प्रकार की फिल्मों के प्रदर्शन पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाई जाए एवं भविष्य में भारत को धर्म एवं जाति के आधार पर बांटने वाली फिल्मों के निर्माण पर भी प्रतिबंध लगे।

The post हिंदू संस्कृति को धूमिल करने की हो रही है साज़िश…? appeared first on Nationalive....

]]>
आईएसएम एजुटेक के एमबीबीएस के छात्र छात्राओं ने एफएमजीई एग्जाम में किया सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन एफएमजीई में उत्तीर्ण होने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया https://nationallive.in/?p=4346 Sun, 23 Feb 2025 18:21:03 +0000 https://nationallive.in/?p=4346 आईएसएम एजुटेक के एमबीबीएस के छात्र छात्राओं ने एफएमजीई एग्जाम में किया सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन एफएमजीई में उत्तीर्ण होने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया उज्जैन। इंडिया से बाहर एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं को भेजने वाली संस्था आईएसएम एजुटेक, जिनके स्टूडेंट ने भारत में आकर देने वाली एग्जाम एफएमजीई में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। रविवार को उज्जैन में आईएसएम […]

The post आईएसएम एजुटेक के एमबीबीएस के छात्र छात्राओं ने एफएमजीई एग्जाम में किया सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन एफएमजीई में उत्तीर्ण होने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया appeared first on Nationalive....

]]>
आईएसएम एजुटेक के एमबीबीएस के छात्र छात्राओं ने एफएमजीई एग्जाम में किया सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
एफएमजीई में उत्तीर्ण होने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया

उज्जैन। इंडिया से बाहर एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं को भेजने वाली संस्था आईएसएम एजुटेक, जिनके स्टूडेंट ने भारत में आकर देने वाली एग्जाम एफएमजीई में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। रविवार को उज्जैन में आईएसएम एजुटेक का एक सेमिनार आयोजित हुआ जिसमें इंडिया से बाहर किर्गिस्तान, रशीया जॉर्जिया, कजाकिस्तान आदि देश में एमबीबीएस करने के लिए भेजने वाली संस्था आईएसएम एजुटेक के एफएमजीई में उत्तीर्ण होने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।
आईएसएम एजुटेक के मध्य प्रदेश के एग्जीक्यूटिव डॉ एच एम खान ने बताया कि भारत में गुड़गांव में स्थित आईएसएम एजुटेक संस्था जो की दुनिया के कई देशों मैं एमबीबीएस के लिए छात्र-छात्राओं को भेजती है, किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में स्थित आईएचएसएम के छात्र-छात्राओं ने एमबीबीएस कोर्स कंप्लीट करने के बाद भारत में आकर देने वाली एग्जाम एफएमजीई में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।
डॉ फनी भूषण पौटू फाउंडर चेयरमेन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर आईएसएम एजुकेट मेड एज्यू केयर ने एफएमजीई में उत्तीर्ण हुए आईएसएम एजूटेक के 100 से अधिक स्टूडेंट्स को सम्मानित किया।
डॉ जी भानु प्रकाश, सीईओ प्रोसियम प्रायवेट लिमिटेड ने बताया कि आईएसएम एजूटेक के स्टूडेंट को एफएमजीई एग्जाम की तैयारी एमबीबीएस कोर्स करने के साथ-साथ सर्वश्रेष्ठ फैकल्टी के माध्यम से कराई जाती है जिसके चलते स्टूडेंट को भारत में आकर एफएमजीई की परीक्षा में उत्तीर्ण होने में आसानी हो जाती है।
इस सेमिनार में मध्यप्रदेश के आईएसएम एजुटेक के एग्जीक्यूटिव डॉ एच एम खान सहित संस्था के कई सदस्य एवं छात्र-छात्राओं के पालक मौजूद थे।

The post आईएसएम एजुटेक के एमबीबीएस के छात्र छात्राओं ने एफएमजीई एग्जाम में किया सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन एफएमजीई में उत्तीर्ण होने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया appeared first on Nationalive....

]]>
विश्वास का कार्यक्रम निरस्त होने की संभावना भोपाल से आयी खबर https://nationallive.in/?p=3918 Wed, 22 Feb 2023 10:15:24 +0000 http://nationallive.in/?p=3918 उज्जैन। विक्रमोत्सव के अन्तर्गत उज्जैन में 21 से 23 फरवरी तक कुमार विश्वास द्वारा राम कथा के तहत प्रवचन दिए जाने थे। 21फरवरी को उन्होने अपने प्रवचन में जो कहा,उसे लेकर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के स्वयं सेवकों से लेकर समग्र हिंदू समाज ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। सूत्रों का दावा है कि कुमार […]

The post विश्वास का कार्यक्रम निरस्त होने की संभावना भोपाल से आयी खबर appeared first on Nationalive....

]]>
उज्जैन। विक्रमोत्सव के अन्तर्गत उज्जैन में 21 से 23 फरवरी तक कुमार विश्वास द्वारा राम कथा के तहत प्रवचन दिए जाने थे। 21फरवरी को उन्होने अपने प्रवचन में जो कहा,उसे लेकर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के स्वयं सेवकों से लेकर समग्र हिंदू समाज ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। सूत्रों का दावा है कि कुमार विश्वास का 22 और 23 फरवरी को होनेवाला कार्यक्रम रद्द हो सकता है। बताया गया है कि उनकी तबियत नासाज है ?

The post विश्वास का कार्यक्रम निरस्त होने की संभावना भोपाल से आयी खबर appeared first on Nationalive....

]]>
शिवराज जी सावधान, बागड़ ही खेत को खाने लगी है उज्जैन बीजेपी मीडिया प्रभारी, मीडिया के साथ मनरेगा स्कीम चला रहे हैं https://nationallive.in/?p=3571 Wed, 07 Dec 2022 12:59:16 +0000 http://nationallive.in/?p=3571 शिवराज जी सावधान, बागड़ ही खेत को खाने लगी है उज्जैन बीजेपी मीडिया प्रभारी, मीडिया के साथ मनरेगा स्कीम चला रहे हैं उज्जैन, पूर्व प्रधान मंत्री राजीव गांधी ने इस बात पर चिंता व्यक्त की थी कि मनरेगा योजना में केंद्र सरकार द्वारा 100 रुपए भेजे जाते हैं, लेकिन वास्तविक में जनता तक जाते जाते […]

The post शिवराज जी सावधान, बागड़ ही खेत को खाने लगी है उज्जैन बीजेपी मीडिया प्रभारी, मीडिया के साथ मनरेगा स्कीम चला रहे हैं appeared first on Nationalive....

]]>

शिवराज जी सावधान, बागड़ ही खेत को खाने लगी है
उज्जैन बीजेपी मीडिया प्रभारी, मीडिया के साथ मनरेगा स्कीम चला रहे हैं
उज्जैन, पूर्व प्रधान मंत्री राजीव गांधी ने इस बात पर चिंता व्यक्त की थी कि मनरेगा योजना में केंद्र सरकार द्वारा 100 रुपए भेजे जाते हैं, लेकिन वास्तविक में जनता तक जाते जाते 1 रुपया रह जाता है, कहने का तात्पर्य यह है कि बीच के चैनल यह पूरा रुपया डकार जाती है यहां इस बात का जिक्र क्यों किया जा रहा है , और इसका उज्जैन बीजेपी से क्या संबंध है यह हम आगे आपको बताएंगे।
हाल ही में मध्य प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान नसरुल्लागंज में पुल निर्माण कार्य और सिंचाई परियोजना का निरीक्षण करने पहुंचे लेकिन जनता के अलावा मीडिया को वे खोजते नजर आए।
बुद्धिजीवी इसके पीछे का कारण यह बताते हैं कि बीजेपी की प्रदेश स्तर की एवं जिला स्तर की निचली चैनलों में बैठे लोगों की कारस्तानी और कारगुजारीयों का यह नतीजा है, जोकि प्रदेश स्तर और केंद्र स्तर पर पार्टी द्वारा भेजा गया बजट जो की विभिन्न योजनाओं , चुनावों आदि के तहत जनता और मीडिया के लिए होता है,उसको ये बीच में ही डकार जाते हैं,और जनता और मीडिया को ये बीच के लोग भ्रमित करते हैं ,जिसकी वजह से सरकार और पार्टी की छवि खराब होती है, जिसका असर बड़े कार्यक्रमों में साफ साफ दिखाई देता है, उस स्थिति में बड़े नेताओं को पार्टी के निचले स्तर कि चैनलों द्वारा की गई कारस्तानी का आभास होता है।
मुख्यमंत्री को आने वाले समय में उज्जैन में भी नसरुल्लागंज जैसे हालात देखने को मिलें तो इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी, यहां भी बुद्धिजीवी वर्ग यह बताते हैं कि “उज्जैन बीजेपी में मीडिया प्रभारी” की जिम्मेदारी लिए दो महारथी भी यही कारनामा कर रहे हैं।
हाल ही में उज्जैन नगरीय निकाय चुनाव एवं महाकाल लोक के लोकार्पण के समय मध्य प्रदेश एवं दिल्ली बीजेपी से लाखों में बजट आया लेकिन गिने-चुने मीडिया के बड़े संस्थान से सांठ गांठ करके लाखों का खेल किया गया, जबकि स्थानीय मीडिया(समाचार पत्र,इलेक्ट्रोनिक मीडिया,डिजिटल मीडिया) की अनदेखी की गई और बजट नहीं आने का कारण बताया गया, सालों से इस प्रकार का खेल चलता आ रहा है जिसके कारण से बीजेपी के कुछ स्थानीय लोग रोडपति से करोड़पति हो गए हैं,कल तक स्कूटर पर चलने वाले आज लाखों की गाड़ियों में तफरी कर रहे हैं, और पार्टी जिले में जद्दोजहद करती नजर आ रही है।
समय रहते मध्य प्रदेश बीजेपी को इन मीडिया प्रभारियों की कारगुजारियों को संज्ञान में लेना चाहिए,अन्यथा पार्टी को दीमक की तरह खोखला करने वाले भ्रष्टाचारियो की वजह से आने वाले चुनावों में विशेषकर उज्जैन बीजेपी को बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ सकता है, यहां बताना जरूरी है कि 2019 के विधान सभा के चुनावों में उज्जैन जिला जिसे बीजेपी का गढ़ माना जाता है,उसमें इनकी कारगुजारियो के कारण बडनगर,नागदा,तराना,और घटिया सहित चार सीटों का नुकसान उठाना पड़ा था, जिसके चलते मध्य प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनते बनते रह गई थी, और नगरीय निकाय चुनाव में बीजेपी के महापौर को जीत कैसे मिली है वह जगजाहिर है।

The post शिवराज जी सावधान, बागड़ ही खेत को खाने लगी है उज्जैन बीजेपी मीडिया प्रभारी, मीडिया के साथ मनरेगा स्कीम चला रहे हैं appeared first on Nationalive....

]]>
लोकतंत्र में तानाशाही, लोकतंत्र की गरिमा को कर रही है धूमिल https://nationallive.in/?p=2157 Sat, 26 Jun 2021 11:00:31 +0000 http://nationallive.in/?p=2157   संपादकीय शासन एवम प्रशासन के नुमाइंदों की कार्यशैली ,लोकतंत्र को तानाशाही की ओर धकेल रही है, ओर इसका शिकार मीडिया को बनाया जा रहा है, लेकिन मीडिया की आवाज को बलपूर्वक दबाना या सरेबाजार उसका अपमान करने से उसके अस्तित्व को धूमिल करना संभव नहीं है, मीडिया आज स्पष्ट शब्दों में लोकतंत्र के सभी […]

The post लोकतंत्र में तानाशाही, लोकतंत्र की गरिमा को कर रही है धूमिल appeared first on Nationalive....

]]>
 

संपादकीय

शासन एवम प्रशासन के नुमाइंदों की कार्यशैली ,लोकतंत्र को तानाशाही की ओर धकेल रही है, ओर इसका शिकार मीडिया को बनाया जा रहा है, लेकिन मीडिया की आवाज को बलपूर्वक दबाना या सरेबाजार उसका अपमान करने से उसके अस्तित्व को धूमिल करना संभव नहीं है, मीडिया आज स्पष्ट शब्दों में लोकतंत्र के सभी तंत्रों को आगाह करता है कि सभी तंत्र संविधान के अनुसार मिले अधिकारों की सीमा रेखा को लांघकर दूसरे तंत्र को नीचा दिखाने का प्रयास न करे, क्योंकि यह प्रयास लोकतंत्र की गरिमा को धूमिल कर रहा है।
” मीडिया “लोकतंत्र का वह हिस्सा है जो लोकतंत्र को संचालित करता है ,प्रबंधन करता है और मार्गदर्शन भी, मीडिया लोकतंत्र का आईना है जो जनता के सामने लोकतंत्र के कार्यकलापों को प्रदर्शित करता है, वहीं जनता के प्रति लोकतंत्र के उत्तरदायित्व को भी दिखाता है, मीडिया के बिना लोकतंत्र का अस्तित्व संभव नहीं है।
लेकिन आजकल के परिदृश्य में कार्यपालिका और विधायिका यह दो तंत्र ऐसे हैं जो अपने निजी स्वार्थ और अहम के चलते तानाशाही की ओर लोकतंत्र को धकेल रहे हैं ,अगर हम कार्यपालिका की बात करें तो शासन और प्रशासनिक अधिकारी अपने पद में मदमस्त होकर अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए अपनी सीमा को लांघते जा रहे हैं,
बात अगर पुलिस प्रशासन की करें तो उज्जैन के एक आईपीएस अधिकारी ने अपने पद के घमंड में चूर होकर मीडिया के एक वरिष्ठ पत्रकार एवं एक प्रतिष्ठित अखबार के संपादक के साथ निचले स्तर का दुर्व्यवहार, इस बात को प्रदर्शित करता है कि अधिकारी अपनी सीमा लांघते हुए लोकतंत्र के महत्वपूर्ण तंत्र मीडिया को लज्जित एवं नीचा दिखाने का प्रयास कर रहे हैं, ऐसा करके पुलिस अधिकारी अपनी शपथ को भी लज्जित कर रहे हैं, वहीं अपने विभाग की गरिमा को भी तार-तार कर रहे हैं।
यह वाकिया कोई नया नहीं है, आए दिन प्रशासनिक अधिकारी अपने पद के घमंड में चूर होकर , अपनी लचर कार्यप्रणाली को दबाने के लिए बलपूर्वक मीडिया का मुंह बंद करने का प्रयास अक्सर किया जाता है, लेकिन वह यह भूल रहे हैं कि मीडिया का बलपूर्वक मुंह बंद करना उसका सारे बाजार अपमान करना एवं मीडिया के अस्तित्व को धूमिल करने का प्रयास लोकतंत्र को लज्जित करने की ओर कदम बढ़ा रहे हैं ,यह भी अटल सत्य है कि मीडिया के बगैर लोकतंत्र का कोई अस्तित्व नहीं हो सकता।
अगर बात करें विधायिका की तो यहां भी तानाशाही का सुरूर सिर चढ़कर बोल रहा है ,जनप्रतिनिधि अपने आप को जनता का प्रतिनिधि कम बल्कि हिटलर बनने का प्रयास अधिक करते नजर आ रहे हैं ,जहां जनता की हितों की बात ना करते हुए निजी स्वार्थ को सिद्ध करने को प्राथमिकता दी जा रही है और इसी स्वार्थी कार्यप्रणाली को दबाने के लिए मीडिया का मुंह बलपूर्वक बंद करने का प्रयास किया जा रहा है, जनप्रतिनिधि जनता के हितों को नजरअंदाज करते हुए ,मनमाने अपने स्वार्थ सिद्धि के फैसले ले रहे हैं।

मीडिया लोकतंत्र का आईना है जिस पर अगर कोई कीचड़ उछालता है तो वह ऐसा करके अपने स्वयं को एवं अपने पूरे विभाग को उस कीचड़ से लथपथ कर रहा है।

मीडिया की कलम को भगवान श्री कृष्ण के उस सुदर्शन की भांति इस कलयुग में कहा गया है इस कलम में वह ताकत है जो बिना युद्ध लड़े शब्दों के बाण से अन्याय को परास्त कर ,न्याय और सत्य का परचम लहरा सकती है।
अंत में मैं इतना ही कहूंगा कि लोकतंत्र में समाहित सभी तंत्र अपनी हद और गरिमा का सम्मान करें एवं अपने पद और घमंड को संभालना सीखें ,क्योंकि घमंड ना बलशाली रावण का चला ना ही हिटलर का, अगर अनुशासन का पाठ किसी दूसरे को पढ़ाना है तो उसके लिए खुद का भी अनुशासित होना आवश्यक है।
मीडिया लोकतंत्र के हर तंत्र का सम्मान करता है लेकिन खुद के सम्मान पर कोई आंच आए ,यह भी बर्दाश्त नहीं , क्योंकि सम्मान से बढ़कर जीवन में कुछ नहीं होता और जिस दिन अपने सम्मान के रक्षा में “मीडिया” ने अपनी सीमा लाँघि , उस दिन लोकतंत्र अस्तित्व विहीन हो सकता है।

मनोज उपाध्याय
नेशनल लाइव

The post लोकतंत्र में तानाशाही, लोकतंत्र की गरिमा को कर रही है धूमिल appeared first on Nationalive....

]]>
शासन की साड़ी दिनोंदिन मैली, लेकिन प्राइवेट की साड़ी सफेद कैसे? https://nationallive.in/?p=2151 Sun, 30 May 2021 12:23:42 +0000 http://nationallive.in/?p=2151 कहीं ऐसा तो नहीं कि हम अपने ही घर में दीमक बनकर उसे खोखला कर रहे हैं क्योंकि लोगों की जो मानसिकता है वह दिनोंदिन कुंठित होती जा रही है एवं वह दिन प्रतिदिन कालिदास की मानसिकता की ओर अग्रसर है और इस संदर्भ में वह अपना एवं अपने बच्चों के भविष्य को अंधकार की […]

The post शासन की साड़ी दिनोंदिन मैली, लेकिन प्राइवेट की साड़ी सफेद कैसे? appeared first on Nationalive....

]]>
कहीं ऐसा तो नहीं कि हम अपने ही घर में दीमक बनकर उसे खोखला कर रहे हैं क्योंकि लोगों की जो मानसिकता है वह दिनोंदिन कुंठित होती जा रही है एवं वह दिन प्रतिदिन कालिदास की मानसिकता की ओर अग्रसर है और इस संदर्भ में वह अपना एवं अपने बच्चों के भविष्य को अंधकार की ओर धकेल रहा है, कैसे आइए हम जानते हैं ।

हर आदमी की  चाहत है कि उसे सरकारी नौकरी मिल जाए,एवं हर आदमी को अपनी लड़की के लिए सरकारी दामाद चाहिए, लेकिन जब किसी व्यक्ति कि सरकारी नौकरी लग जाती है तब वह अपने ही पांव पर कुल्हाड़ी मारना शुरू कर देता है अर्थात
शिक्षा विभाग- शिक्षा विभाग की  बात करें तो शासकीय शिक्षक एवं प्राध्यापक बनने के लिए उच्च शिक्षित होना आवश्यक होता है एवं परीक्षाओं और विभिन्न ने इंटरव्यू के दौर से गुजरने के बाद एक व्यक्ति शासकीय शिक्षक या प्राध्यापक बनता है ,सरकार उसे मोटी तनखा देती है लेकिन बावजूद इसके सरकारी स्कूलों की शिक्षा का स्तर गिरता जा रहा है, हालात यह हैं कि मोटी तनख्वाह पाने वाला शिक्षक या प्राध्यापक खुद अपने बच्चों को भी सरकारी स्कूल एवं कॉलेजों में पढ़ाना पसंद नहीं करता है, वह अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों, जहां की बाहरी चकाचौंध से आकर्षित होकर वह अपने बच्चों का भविष्य को अंधकार की ओर धकेल देता है, आखिर क्या कारण है कि इतना शिक्षित व्यक्ति जिस पर सरकार भरोसा करती है कि वह बच्चों को शिक्षित कर उनके भविष्य को उज्जवल करेगा, लेकिन एक उच्च शिक्षित शिक्षक अपने ही सरकारी प्रतिष्ठान को बंद करने का प्रयास दिनोंदिन करता जा रहा है, लेकिन  उच्च शिक्षित शिक्षक की चाह यह रहती है कि उसके बच्चे को सरकारी नौकरी मिले, यह किस प्रकार की मानसिकता है?
स्वास्थ्य विभाग- स्वास्थ्य विभाग के भी वही हाल है , एक शासकीय डॉक्टर शासन से मोटी तनखा लेता है लेकिन प्राइवेट अस्पताल एवं प्राइवेट प्रैक्टिस पर उसका पूरा ध्यान केंद्रित होता है, पूरे संसाधन होने के बावजूद सरकारी अस्पताल से डॉक्टर ,मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में रेफर कर देते हैं, एक सरकारी डॉक्टर अपने परिवार का इलाज शत प्रतिशत प्राइवेट अस्पतालों में ही कराना पसंद करता है, वहीं एक आम आदमी भी पैसों के अभाव में ही सरकारी अस्पतालों में जाता है अन्यथा वह शत प्रतिशत प्राइवेट अस्पतालों में ही अपना उपचार कराना पसंद करता है अर्थात हम सब मिलकर अपने हाथों से सरकारी ढांचे को खत्म करना चाहते हैं, लेकिन चाहत यह  रहती है कि खुद को और अपने बच्चों को सरकारी नौकरी मिले।
अमूमन हर सरकारी विभाग में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है ,सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली इतनी पेंचीदा है कि जहां किसी कार्य को पूर्ण करने के लिए महीनों एवं सालों लग जाते हैं, इसी के चलते आम आदमी की मानसिकता पर प्राइवेट सेक्टर गहरा प्रभाव छोड़ जाते हैं और एक आम आदमी प्राइवेट सेक्टर की ओर आकर्षित होता है , एवं सरकारी उपक्रम दिनोंदिन गर्त में समाते जा रहे हैं।
सरकारी कर्मचारियों की मानसिकता का अंदाजा हम इस बात से लगा सकते हैं कि भारत सरकार का उपक्रम भारत संचार निगम लिमिटेड अर्थात बीएसएन एल के हालात यह है कि वह बंद होने की कगार पर पहुंच चुका है जबकि बीएसएनएल के टावर का उपयोग करते हुए प्राइवेट कंपनियां प्रगति के नए आयाम को छू रही है, यही हाल हर दूसरे सरकारी उपक्रम की होती जा रही है।
और इस पूरे परिदृश्य में शासकीय निकायों को गर्त में जाने का श्रेय कहीं ना कहीं जनप्रतिनिधि एवं राजनेताओं को भी जाता है, क्योंकि अधिकांश जनप्रतिनिधि एवं राजनेताओं ने सरकारी उपक्रमों की प्रतिस्पर्धा में प्राइवेट संस्थानों या यूं कहें कि खुद की हिस्सेदारी के संस्थानों को स्थापित कर दिया है ,चाहे वह स्कूल ,कॉलेज, हॉस्पिटल एवं अन्य व्यापारिक क्षेत्र हों, हर जगह राजनेताओं के हस्तक्षेप विद्यमान है।
 वर्तमान परिदृश्य यह कहता है कि  जो लोग सरकारी विभागों में कार्यरत हैं, और जिस कार्य प्रणाली से वह कार्य कर रहे हैं उसे देखते हुए भविष्य में आने वाली पीढ़ी के लिए सरकारी उपक्रम शायद जिंदा रहे ही ना।
इस विषय पर भारत के हर नागरिक ,विशेषकर सरकारी विभागों में कार्य करने वालों के लिए यह चिंतनीय विषय है।

The post शासन की साड़ी दिनोंदिन मैली, लेकिन प्राइवेट की साड़ी सफेद कैसे? appeared first on Nationalive....

]]>
बहुत बड़ी बात कह गए, राहुल गांधी और कमलनाथ https://nationallive.in/?p=2143 Sat, 22 May 2021 14:56:53 +0000 http://nationallive.in/?p=2143 ब्लैक फंगस महामारी को लेकर सरकार पर हमला करते हुए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि “मोदी सिस्टम के कुशासन के चलते सिर्फ भारत में कोरोना के साथ-साथ ब्लैक फ़ंगस महामारी है, उन्होंने कहा कि इस नई महामारी की दवा की  बाजार बहुत कमी है।   दरअसल ब्लैक फंगस बीमारी […]

The post बहुत बड़ी बात कह गए, राहुल गांधी और कमलनाथ appeared first on Nationalive....

]]>
ब्लैक फंगस महामारी को लेकर सरकार पर हमला करते हुए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि “मोदी सिस्टम के कुशासन के चलते सिर्फ भारत में कोरोना के साथ-साथ ब्लैक फ़ंगस महामारी है, उन्होंने कहा कि इस नई महामारी की दवा की  बाजार बहुत कमी है।

20210522_194337

 

दरअसल ब्लैक फंगस बीमारी नई नहीं  है ,ब्लैक फंगस  या म्यूकोरमाइकोसिस का संक्रमण नया तो नहीं है, लेकिन फिर भी कोविड-19 (Covid-19) की वजह से इसे नया कहा जा रहा है,इसका पहला मामला 1885 में जर्मनी के पाल्टॉफ नाम के एक पैथोलॉजीस्ट ने देखा था. इसके बाद म्यूकोरमाइकोसिस नाम अमेरिकी पैथोलॉजीस्ट आरडी बेकर ने दिया था. 1943 में इससे संबंधित एक शोध छपा था 1955 में इस बीमारी से बचने वाला पहला शख्स हैरिस नाम का व्यक्ति बताया जाता है. तब से अब तक इसके निदान आदि में ज्यादा बदलाव नहीं आया है।

लेकिन कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने जो आरोप लगाया है की ब्लैक फंगस सिर्फ और सिर्फ भारत में ही तेजी से क्यों फैल रहा है ,जानकारों की इस पर अलग-अलग राय है कुछ का मानना है कि ब्लैक फंगस, पानी की खराबी से होता है एवं कुछ का मानना है कि शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर यह रोग हो सकता है लेकिन बहुतायत जानकारों का मानना है कि ब्लैक फंगस इन दिनों भारत में होने का कारण कोरोना संक्रमण के समय दी जाने वाली ऑक्सीजन के समय दूषित पानी की वजह से होता है ,वहीं कोरोना संक्रमण के इलाज मे दिए जाने वाले स्ट्राइड रेमदेसीविर इंजेक्शन के साइड  इफेक्ट को भी वजह माना जा रहा  है,

ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब रेमदेसीविर इंजेक्शन जिससे कोरोना का इलाज नहीं होना बताया जा रहा है और जिसके इतने गंभीर साइड इफेक्ट हो सकते हैं तब भारत में यह इंजेक्शन किसकी इजाजत से लगाया जा रहा है ,क्या भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसकी इजाजत दी है? यह एक जांच का विषय है।

वहीं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उज्जैन में मध्य प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि 127000 मौतें मध्य प्रदेश में हुई इनमें से 80% कॉविड से हुई,शमशान और कब्रिस्तान में पहुंची लाशों का रिकॉर्ड प्रदेश सरकार सार्वजनिक करें, इंटरनेट पर डाले,रिकॉर्ड सार्वजनिक होते ही जनता खुद तय करेगी कि कौन झूठ बोल रहा, मरनेे वाले  को पांच लाख दिए जाएं ,प्रमाण पत्र नहीं उनसे एफिडेविट लिए जाए, 

दरअसल कमलनाथ के इस आरोप के पीछे कहा जा रहा है कि जब कोई करोना पॉजिटिव होता है एवं हॉस्पिटल में उसका इलाज चलता है ,एवं कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आने पर डिस्चार्ज किया जाता है लेकिन इलाज के दौरान मरीज की मृत्यु होने पर डिस्चार्ज के समय अधिकांश लोगों की कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव बताई जा रही है ,जिसके कारण यह संदेह  जताया जा रहा है, जो कि एक जांच का विषय है।

बाहर हाल कांग्रेस के दिग्गजों द्वारा लगाए गए केंद्र सरकार एवं मध्य प्रदेश सरकार पर इन आरोपों की निष्पक्ष जांच होती है या नहीं?

 

 

 

The post बहुत बड़ी बात कह गए, राहुल गांधी और कमलनाथ appeared first on Nationalive....

]]>